Best 110+ Zia Mazkoor Shayari in Hindi | ज़िया मज़क़ूर शायरी 2026

Zia Mazkoor Shayari

Zia Mazkoor Shayari अपने गहरे जज़्बात, सच्चे एहसास और असरदार अल्फ़ाज़ के लिए जानी जाती है। उनकी शायरी में मोहब्बत की नज़ाकत, दर्द की सच्चाई और ज़िंदगी के कड़वे-मीठे तजुर्बों की झलक साफ़ दिखाई देती है। ज़िया मज़क़ूर शायरी पढ़ने वालों को दिल से जोड़ती है, क्योंकि इसमें आम इंसान की भावनाएँ बेहद खूबसूरती से पिरोई गई हैं।

ज़िया मज़कूर के अशआर कभी दिल को सुकून देते हैं तो कभी सोचने पर मजबूर कर देते हैं। अगर आप मोहब्बत, जुदाई, तन्हाई और ज़िंदगी की हक़ीक़तों पर लिखी असरदार और भावुक शायरी ढूंढ रहे हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए बेहतरीन साबित होगी।

Zia Mazkoor Shayari

Zia Mazkoor Shayari
हर किसी को अपनी कहानी कहनी है
हर ज़ख्म की अपनी निशानी रहनी है
ज़िया कहता है, मत डर दर्द से
इन्हीं में ज़िंदगी की रवानी रहनी है !!
तेरे लफ़्ज़ों में वो असर था कि दिल ठहर गया
हर जुमले में इक नया अफ़साना उतर गया
जो कहा तूने तो लगा खुदा बोल पड़ा
ज़िया! फिर मोहब्बत का मतलब समझ गया !!
तेरे जाने के बाद सन्नाटा ही मिला
हर हँसी के बदले आहटों का सिलसिला
ज़िया ने जब ढूँढा तुझे भीड़ में कहीं
तो अपना ही साया बस साथ चला !!
इश्क़ लटका रहेगा पंखे पे
लोग किस्से बनाएंगे रिश्तों के
कभी मोहब्बत का नाम देंगे
कभी इल्ज़ाम लगाएंगे वक्तों के !!
लोग हमारी तारीफ़ में जो रोशनी (ज़िया) करते हैं
उसी का मज़क़ूर (ज़िक्र) करके हमें नीचे उतार लेंगे !!

Zia Mazkoor Shayari in Hindi

Zia Mazkoor Shayari in Hindi
Zia Mazkoor Shayari Hindi
 तुम ने भी उन से ही मिलना होता है
जिन लोगों से मेरा झगड़ा होता है
तुम मेरी दुनिया में बिल्कुल ऐसे हो
ताश में जैसे हुकुम का इक्का होता है !!
चारागर ऐ चारागर चिल्लाती थी
ज़ख़्मों को भी हाथ नहीं लगवाती थी
पता नहीं कैसा माहौल था उसके घर
बुर्का पहन के शर्टें लेने आती थी !!
वो जो कल तक मेरी दुनिया था
आज यादों में एक अफ़साना है
कितनी जल्दी बदल जाते हैं लोग
यह सबक ज़िंदगी ने सिखाया है !!
हमसे मिलकर भी वो अजनबी सा रहा
होंठ ख़ामोश, मगर दिल गवाही दे रहा
ज़िया ने समझ लिया उस नज़र का जवाब
उसको मोहब्बत थी मगर इज़हार नहीं कर रहा !!
तेरे बिना अब कोई मंज़िल नहीं लगती
हर राह सूनी, हर ख़ुशी अधूरी लगती
कभी सोचा न था तू इतनी दूर जाएगा
अब तो साँस भी तेरे नाम से जुड़ी लगती !!

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Zia Mazkoor Shayari in Urdu

Zia Mazkoor Shayari in Urdu
बोल पढ़ते हैं हम जो आगे से
प्यार बढ़ता है इस रवये से
मैं वही हूँ, यकीन करो मेरा
मैं जो लगता नहीं हूँ चेहरे से !!
कोई कहता नहीं था लौट आओ
कि हम पैसे ही इतने भेजते थे
तुम्हारा शुक्रिया ऐ डूबती नाव
कि हम भी तैरना भूले हुए थे !!
अब बस उसके दिल के अंदर दाखिल होना बाकी है
छह दरवाज़े छोड़ चुका हूं एक दरवाज़ा बाकी है !!
तुम्हें देख के लगता है खुदा भी हैरान है
इतना सुंदर बनाया, फिर दिमाग़ क्यों परेशान है?
तेरे बिना हर खुशी अधूरी लगती है
तेरी मौजूदगी से ही दुनिया पूरी लगती है !!

Ziya Zia Mazkoor Shayari

Ziya Zia Mazkoor Shayari
Mashkoor Zia Mazkoor Shayari
वक़्त ही कम था फ़ैसले के लिए
वर्ना मैं आता मशवरे के लिए
तुम को अच्छे लगे तो तुम रख लो
फूल तोड़े थे बेचने के लिए !!
तेरे दीदार की प्यास रोज़ बढ़ती जाती है
दिल की धड़कन बस तेरा नाम गुनगुनाती है !!
हवा चली तो उस की शाल मेरी छत पे आ गिरी
ये उस बदन के साथ मेरा पहला राब्ता हुआ !!
बिठा दिया है सिपाही के दिल में डर उसने
तलाशी दी है दुपट्टा उतार कर उसने !!
ज़िया-ए-मज़क़ूर पे इतरा रहे थे हम
अब वही लोग हमें नीचे उतार लेंगे !!

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Zia Mazkoor Shayari Book

Zia Mazkoor Shayari Book
कभी चाँदनी रातों में तेरा नाम लिखा
कभी ख़्वाबों में तेरे होंठों पे सलाम लिखा
ज़िया ने हर लफ़्ज़ को तुझसे जोड़ा यूँ
कि हर शेर में तेरे इश्क़ का पैग़ाम लिखा !!
अब तो थोड़ा रास्ता बाकी है
इश्क़ का एक किस्सा बाकी है
मंज़िल मिले या ना मिले हमें
चलने का बस जज़्बा बाकी है !!
हमने तो चाहा था बस थोड़ा सुकून ज़िंदगी में
मगर हर मोड़ पर इम्तिहान लिखे गए क़िस्मत में
हँसने की कोशिश में आँसू छुपा लिए हमने
लोग कहते हैं "तुम तो बड़े मज़बूत निकले" !!
एक नज़र देखते तो जाओ मुझे
कब कहा है गले लगाओ मुझे
तुमको नुस्खा भी लिख के दे दूंगा
ज़ख्म तो ठीक से दिखाओ मुझे !!
तेरी तस्वीर दिल में सजाए बैठे हैं
तेरी चाहत में सब कुछ भुलाए बैठे हैं !!

Zia Mazkoor Shayari in English

Zia Mazkoor Shayari in English
Ye uski mohabbat hai ki rukta hai tere paas
Varna teri daulat ke siva kya hai tere paas.
Is waqt mujhe jitni zaroorat hai tumhaari 
Ladate bhee rahoge to mohabbat hai tumhaari.
Teri chaahat mein kho gae hain is kadar
Ab to har saans tera naam leti hai aksar.
Jagah jagah na taalluq kharaab kar mera 
Tere lie to kisi se bhee lad padoonga main.
Teri hansee ne dil ko bekaraar kar diya 
Tere ishq ne hamen bhee laachaar kar diya.

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